Trump Tariff 2025 India Market Impact: क्या निवेशकों के लिए मौका है?

Trump Ke Tariff se Market Me kya hoga

भूमिका: क्या फिर शुरू हो रही है Trade War?

2025 की शुरुआत(Trump Tariff 2025 India Market Impact)के साथ ही वैश्विक अर्थव्यवस्था एक बार फिर से हलचल में है। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी वापसी के संकेत देते हुए कुछ ऐसे व्यापारिक टैक्स (Tariffs) लागू करने की घोषणा की है, जिसने शेयर बाजारों में हलचल मचा दी है।
अब सवाल यह है – क्या यह Tariff एक नया Market Crash लाएगा या एक नई Investment
Opportunity?
इस लेख में(Trump Tariff 2025 India Market Impact) विस्तार से बात करेंगे इन सभी Doubt के बारे में।

🔍 Tariff क्या होता है?

Tariff का मतलब होता है(Trump Tariff 2025 India Market Impact)– किसी देश द्वारा दूसरे देश से आने वाले सामान पर लगाया गया Tax
इसका उद्देश्य होता है घरेलू उद्योगों को सुरक्षा देना या विदेशी उत्पादों को महंगा करके कम करना।
उदाहरण: अगर अमेरिका चीन से आने वाले मोबाइल पर 20% Tariff लगा दे, तो वो मोबाइल अमेरिका में महंगे हो जाएंगे और लोग अमेरिकी कंपनी के मोबाइल खरीदने को प्रेरित होंगे।

2025 में Trump का Tariff फैसला: क्या हुआ?

2025 के जुलाई अंत में, Donald Trump ने कुछ नए (Trump Tariff 2025 India Market Impact)Tariff लागू करने की घोषणा की।
मुख्य बिंदु:

  • चीन, मेक्सिको और भारत से आने वाले उत्पादों पर भारी Tax
  • टेक्नोलॉजी, इलेक्ट्रॉनिक्स और ऑटो सेक्टर पर सीधा असर
  • “America First” नीति की वापसी

ट्रंप का दावा है:

“हमारी नौकरियां वापस लानी होंगी और दूसरे देशों पर निर्भरता कम करनी होगी।”

💥 Market Reaction: कैसे हिली दुनिया की Economy?

📉 Global Market में गिरावट:

Dow Jones, Nasdaq जैसे US Index 2-3% तक टूटे
Asian Markets में भी गिरावट, खासकर भारत और चीन में

📉 Indian Market पर असर:

Sensex और Nifty में एक दिन में 600+ अंकों की गिरावट
Auto और Tech सेक्टर में सबसे ज़्यादा दबाव
INR (Indian Rupee) में कमजोरी

कौन-कौन से Sectors प्रभावित हुए?

Sector असरकारण
टेक्नोलॉजी (Tech)❌ नकारात्मक
USA में Export कम होगा
ऑटोमोबाइल ❌ नकारात्मक Component cost बढ़ेगी
फार्मा ➖ मिला-जुलाकुछ दवाएं महंगी हो सकती हैं
FMCG✅ सकारात्मकघरेलू मांग बढ़ सकती है
Defense/Infra ✅ सकारात्मकआत्मनिर्भर भारत को बढ़ावा

Investor को डर या मौका?

Short-Term में डर:

Volatility बढ़ेगी
Panic Selling देखा जा सकता है

Long-Term में मौका:

अच्छी कंपनियों के शेयर सस्ते में मिल सकते हैं
Export dependency कम होने का असर कुछ समय बाद दिखेगा

“Crash के समय ही सबसे बड़े निवेशक जन्म लेते हैं।”

यह कहावत आज भी सही बैठती है।

🧾 Expert Views (विशेषज्ञ क्या कह रहे हैं?)

Rakesh Jhunjhunwala School of Thought:
“Market गिरने दो, लेकिन गिरते समय quality stock उठाओ।”

Motilal Oswal Report:

“Tariff का immediate असर जरूर दिखता है, लेकिन कंपनियों की fundamentals को लंबे समय में फर्क नहीं पड़ता।”

Zerodha Varsityके अनुसार:
“ऐसे समय में SIP चालू रखना और panic में sell ना करना ही समझदारी है।”

📘 Case Study: 2018 में भी ऐसा हुआ था

2018 में Trump ने चीन पर2018 में Trump ने चीन पर (Trump Tariff 2025 India Market Impact) Tariff लगाया था। Market गिरा जरूर, लेकिन कुछ ही महीनों में rebound भी किया। कई निवेशकों ने उस समय अच्छा return कमाया।
2025 की स्थिति भी कुछ ऐसी ही बन सकती है।

📈 क्या करें Investor? (Simple Guide)

✅ करें:

Long-term stock में निवेश करें
SIP चालू रखें
Cash reserve रखें buying opportunity के लिए
Panic ना करें

❌ ना करें:

एक ही Sector में पैसा न डालें
News के आधार पर जल्दबाज़ी में decision न लें
Penny stocks से दूर रहें


सोशल मीडिया पर अफवाहों से सावधान!

  • Fake News से बचें:
  • Market crash हो गया, सब बेच दो”
  • Trump की वजह से मंदी आ गई”
  • Gold ही Future है”
  • हमेशा भरोसा करें: Official financial portals और SEBI Registered Advisors पर।

लंबी रेस का घोड़ा कौन?

कुछ Stocks जो ऐसे समय में मजबूत साबित हो सकते हैं:

  • Reliance Industries (Diversified)
  • Infosys / TCS (Technology Leadership)
  • HUL / ITC (Stable FMCG)
  • L&T (Infrastructure Growth)


आगे क्या हो सकता है?

संभावनाएं:
WTO और UN की प्रतिक्रिया
चीन द्वारा जवाबी Tariff
Political tension और बढ़ सकता है
लेकिन एक धैर्यवान निवेशक के लिए यह समय मौका हो सकता है।

FAQs (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

Trump Tariff 2025 क्या है?

उत्तर: 2025 में डोनाल्ड ट्रंप द्वारा प्रस्तावित व्यापारिक टैक्स(Trump Tariff 2025 India Market Impact)Tariff एक नीति है, जिसमें अमेरिका में आयात होने वाले कुछ उत्पादों पर अतिरिक्त टैक्स लगाया गया है, जिससे घरेलू कंपनियों को बढ़ावा मिल सके।

Trump Tariff का Indian Market पर क्या असर पड़ेगा?

उत्तर: इस Tariff के कारण भारतीय कंपनियों के कुछ उत्पाद अमेरिका में महंगे हो सकते हैं, जिससे Export घट सकता है। खासकर टेक और ऑटो सेक्टर पर इसका असर अधिक देखा जा सकता है।

क्या Trump Tariff के कारण Market Crash होगा?

उत्तर: शुरुआत में बाजार में अस्थिरता और गिरावट संभव है, लेकिन लंबी अवधि में यह निवेश का अवसर भी बन सकता है। समझदारी से निवेश करने पर फायदा मिल सकता है।

Investor को इस स्थिति में क्या करना चाहिए?

उत्तर: Panic Selling से बचें, SIP चालू रखें और fundamentally strong कंपनियों में Long-term निवेश को प्राथमिकता दें। Diversification भी ज़रूरी है।

क्या 2018 जैसा Market फिर से Recover कर सकता है?

उत्तर: हां, 2018 में भी जब ट्रंप ने चीन पर (Trump India Tariff 2025)Tariff लगाया था, तो बाजार गिरे लेकिन कुछ ही महीनों में वापस संभल गए। 2025 में भी ऐसा संभव है, अगर आप धैर्य और रणनीति के साथ निवेश करें।

✍️ निष्कर्ष:

Market Crash या मौका?

Trump Tariff 2025 से मार्केट में अस्थिरता आई है, लेकिन वही अस्थिरता समझदारी से खेलने वाले निवेशकों के लिए लाभ का मौका भी बन सकती है।
2025 में Trump का(Trump Tariff 2025 India Market Impact) Tariff फैसला Global Economy को हिलाता जरूर है, लेकिन Indian Market के लिए यह एक सतर्क अवसर भी है।”
Crash केवल डरने की चीज़ नहीं है — यह सीखने और कम कीमतों पर खरीदारी करने का समय भी है।

Call to Action:

अगर यह जानकारी उपयोगी लगी हो तो अपने निवेशक दोस्तों से जरूर शेयर करें।
आपकी राय क्या है – Crash का डर या फायदा? नीचे कमेंट करें।
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Market Crash 2025: इन 3 डरावने संकेतों को नजरअंदाज करना हो सकता है घातक

Market Crash 2025:

इन दिनों शेयर बाजार में कुछ तो गड़बड़ है।
हर सुबह Nifty और Sensex गिरने की खबरें आती हैं, कई स्टॉक्स 10-15% टूट रहे हैं, और सोशल मीडिया पर अफवाहें फैल रही हैं —
“Market Crash आने वाला है!” लेकिन क्या वाकई ये Market Crash 2025 की शुरुआत है? या सिर्फ एक नॉर्मल करेक्शन है? और अगर सच में खतरा है, तो क्या हम सब उसे नजरअंदाज कर रहे हैं? इस ब्लॉग में हम बहुत ही आसान भाषा में बात करेंगेMarket Crash 2025 की उन 3 संकेतों की जो बता रहे हैं Market Crash होने वाला है।

Market Crash 2025 analysis
Share Market Crash 2025atulgiri808

🔍 सबसे पहले समझें: मार्केट क्रैश क्या होता है?

जब शेयर बाजार में बहुत कम समय में भारी गिरावट आती है — वो भी बिना किसी ठोस पॉजिटिव खबर के — तो उसे Market Crash कहा जाता है। 📉 इसमें 10% से ज्यादा गिरावट कुछ ही दिनों में हो सकती है। 📉 निवेशकों का भरोसा टूट जाता है और वो डर के कारण सेलिंग शुरू कर देते हैं। 📉 Panic Selling मार्केट को और गिरा देती है।

क्या हर गिरावट Market Crash होती है?

नहीं।Market Crash 2025 हर गिरावट मार्केट क्रैश नहीं होती। कई बार मार्केट थोड़ा गिरता है तो उसे “correction” कहा जाता है। लेकिन जब एक साथ कई नकारात्मक संकेत आने लगें, तो वो Crash की तरफ इशारा करते हैं।

आइए जानते हैं वो 3 बड़े संकेत जो आज के माहौल में नजर आ रहे हैं…

संकेत 1: FII (Foreign Investors) की भारी बिकवाली

FII, यानी विदेशी संस्थागत निवेशक — मार्केट के लिए सबसे बड़ा पैसा लाने वाला वर्ग होते हैं। जब वो शेयर खरीदते हैं तो मार्केट चढ़ता है, और जब वो बेचते हैं तो मार्केट धड़ाम होता है। 📉 जुलाई 2025 में FIIs ने अब तक ₹17,000 करोड़ की बिकवाली कर दी है। 📉 ये कोई छोटा नंबर नहीं है। 📉 इससे Nifty में 800+ पॉइंट्स की गिरावट देखी गई। FII क्यों बेच रहे हैं? अमेरिका में ब्याज दरें बढ़ रही हैं डॉलर मजबूत हो रहा है भारत में वैल्यूएशन महंगे हो चुके हैं ग्लोबल मंदी की आशंका बढ़ रही है ध्यान देने वाली बात: जब FII बिकवाली करते हैं, तो यह छोटे निवेशकों के लिए चेतावनी होती है

संकेत 2: Panic Selling – खुदरा निवेशकों की घबराहट

इन दिनों सबसे बड़ा खतरा वो लोग बन रहे हैं जो मार्केट की भाषा नहीं समझते। Social media पर एक डर फैल रहा है — और जैसे ही मार्केट गिरता है, लोग बिना सोचे-समझे अपने शेयर बेच देते हैं। 🔻 इससे मार्केट और तेजी से टूटता है। 🔻 Panic Selling का असर Midcap और Smallcap स्टॉक्स पर सबसे ज़्यादा होता है। 📊 उदाहरण: एक रिटेल इनवेस्टर ने ₹100 पर खरीदा शेयर ₹85 होते ही बेच दिया।बिना ये देखे कि कंपनी फंडामेंटली मजबूत है या नहीं। 📌 Lesson: डर में लिया गया फैसला अक्सर नुकसानदेह होता है।

संकेत 3: ग्लोबल संकेत भी दे रहे हैं खतरे की घंटी

आज का बाजार सिर्फ भारत का नहीं है। दुनिया की हर बड़ी घटना भारत के बाजार पर असर डालती है।

  • 🔸 अमेरिका में GDP में सुस्ती
  • 🔸 चीन में डिफॉल्ट की खबरें
  • 🔸 यूरोप में मंदी
  • 🔸 कच्चे तेल की कीमतें बढ़ रही हैं
  • 🔸 डॉलर इंडेक्स 105+ के ऊपर

इन सभी का असर ये होता है कि दुनिया के निवेशक रिस्क से दूर भागने लगते हैं। और इस रेस में सबसे पहले Emerging Markets को नुकसान होता है — जैसे भारत।

क्या ये सच्चा Market Crash है?

अभी तक की गिरावट को हम “मिनी क्रैश” कह सकते हैं। लेकिन अगर FII की बिकवाली और रिटेल की घबराहट ऐसे ही जारी रही, तो ये एक बड़े क्रैश में बदल सकता है।

अब सवाल – क्या करना चाहिए?

आपके मन में ये सवाल जरूर होगा कि Market Crash 2025अगर मार्केट गिर रहा है, तो हम क्या करें?

  • डरें?
  • बचें?
  • या खरीदें?

आइए जानते हैं…

निवेशकों के लिए जरूरी 7 टिप्स:

  1. घबराएं नहीं, समझदारी से सोचें
    मार्केट का स्वभाव है ऊपर-नीचे होना।
    हर गिरावट एक मौका भी हो सकती है।
  2. अपने पोर्टफोलियो की जांच करें
    कमजोर स्टॉक्स हटाएं
    सिर्फ मजबूत कंपनियों में टिके रहें
    SIP चालू रखें लेकिन सावधानी से
  3. कैश रिजर्व रखें
    जब मार्केट गिरे, तभी अच्छे शेयर सस्ते मिलते हैं।
    इसलिए थोड़ा पैसा कैश में रखना बुद्धिमानी है।
  4. अफवाहों से दूर रहें
    हर यूट्यूबर की सलाह न मानें।
    खुद सोचें, रिसर्च करें।
  5. F&O से बचें
    फिलहाल ट्रेडिंग का समय नहीं, बल्कि सोच-समझ कर निवेश करने का समय है।
  6. डायवर्सिफिकेशन करें
    सिर्फ एक सेक्टर में पैसा न लगाएं।
    IT, Pharma, FMCG, Banking सबका बैलेंस बनाएं।
  7. गोल के हिसाब से सोचें
    अगर आप 5–10 साल के निवेशक हैं, तो ये गिरावट आपके लिए अवसर है।
3 Warning Signs

निष्कर्ष (Conclusion)

Market Crash 2025 बाजार में गिरावट कोई नई बात नहीं है। लेकिन जब कई नकारात्मक संकेत एक साथ दिखें FII की बिकवाली, Panic Selling और ग्लोबल सुस्ती तो ये संकेत देते हैं कि कुछ बड़ा हो सकता है।

क्या 2025 में भारतीय शेयर बाजार बढ़ेगा?

बेंगलुरु, 28 मई (रायटर) – इक्विटी विश्लेषकों के एक रायटर सर्वेक्षण के अनुसार, भारत के शेयर बाजार के 2025 के अंत तक एक नई ऊंचाई पर पहुंचने और अगले साल और बढ़ने का अनुमान है , हालांकि अगले तीन महीनों में ऊंचे मूल्यांकन और संभावित सुधार के बारे में कुछ चिंताएं थीं।

2025 में शेयर बाजार का क्या होगा?

कई निवेशकों को अभी भी उम्मीद है कि जैसे-जैसे साल आगे बढ़ेगा, और भी शेयर बाज़ार की बढ़त को सहारा देंगे। एसएंडपी 500 का समान-भार वाला संस्करण – जो सूचकांक में औसत शेयर के प्रदर्शन को बेहतर ढंग से दर्शाता है –

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Fixed income mutual fund kya hai or kitne type, Loss and benefit

फिक्स्ड इनकम म्यूचुअल फंड: एक स्थिर आय का स्रोत…..

परिचय

फिक्स्ड इनकम म्यूचुअल फंड एक महत्वपूर्ण निवेश साधन है जो निवेशकों को स्थिर और नियमित आय प्रदान करने का वादा करता है। ये फंड उन व्यक्तियों के लिए विशेष रूप से लाभकारी होते हैं जो जोखिम से बचना चाहते हैं और अपनी पूंजी को सुरक्षित रखते हुए निश्चित रिटर्न प्राप्त करना चाहते हैं। इस ब्लॉग में, हम फिक्स्ड इनकम म्यूचुअल फंड के विभिन्न पहलुओं, उनके लाभ, जोखिम, और निवेश करने के तरीके पर विस्तार से चर्चा करेंगे।

फिक्स्ड इनकम म्यूचुअल फंड क्या हैं?

फिक्स्ड इनकम म्यूचुअल फंड ऐसे फंड होते हैं जो मुख्य रूप से डेट इंस्ट्रूमेंट्स जैसे सरकारी बॉन्ड, कॉर्पोरेट बॉन्ड, ट्रेजरी बिल, और अन्य फिक्स्ड इनकम सिक्योरिटीज में निवेश करते हैं। इन फंड्स का उद्देश्य निवेशकों को नियमित आय प्रदान करना और पूंजी की सुरक्षा सुनिश्चित करना होता है।

फिक्स्ड इनकम म्यूचुअल फंड के प्रकार

1. गवर्नमेंट सिक्योरिटी फंड

ये फंड सरकार द्वारा जारी किए गए बॉन्ड्स और ट्रेजरी बिल्स में निवेश करते हैं। इनका जोखिम बहुत कम होता है और रिटर्न स्थिर होते हैं।

2. कॉर्पोरेट बॉन्ड फंड

ये फंड विभिन्न कंपनियों द्वारा जारी किए गए बॉन्ड्स में निवेश करते हैं। इनका रिटर्न गवर्नमेंट सिक्योरिटी फंड से अधिक होता है, लेकिन जोखिम भी थोड़ा अधिक होता है।

3. मनी मार्केट फंड

ये फंड शॉर्ट-टर्म इंस्ट्रूमेंट्स जैसे ट्रेजरी बिल्स, कमर्शियल पेपर, और सर्टिफिकेट ऑफ डिपॉजिट में निवेश करते हैं। ये फंड उच्च तरलता और कम जोखिम प्रदान करते हैं।

4. डायनामिक बॉन्ड फंड

ये फंड विभिन्न मैच्योरिटी वाले डेट इंस्ट्रूमेंट्स में निवेश करते हैं और मैनेजर की डिस्क्रेशन पर निर्भर करते हैं। ये फंड ब्याज दरों के परिवर्तनों के अनुसार अपने पोर्टफोलियो को समायोजित करते हैं।

लाभ

स्थिर आय

फिक्स्ड इनकम म्यूचुअल फंड नियमित अंतराल पर निवेशकों को ब्याज भुगतान प्रदान करते हैं, जिससे उन्हें स्थिर आय का स्रोत मिलता है।

कम जोखिम

ये फंड अपेक्षाकृत कम जोखिम वाले होते हैं क्योंकि वे ज्यादातर सरकारी बॉन्ड और उच्च क्रेडिट रेटिंग वाली कंपनियों के बॉन्ड में निवेश करते हैं।

विविधीकरण

ये फंड विभिन्न प्रकार के डेट इंस्ट्रूमेंट्स में निवेश करके जोखिम को विभाजित करते हैं, जिससे निवेशकों को नुकसान का खतरा कम होता है।

तरलता

मनी मार्केट फंड और शॉर्ट-टर्म बॉन्ड फंड उच्च तरलता प्रदान करते हैं, जिससे निवेशक आवश्यकता पड़ने पर अपने निवेश को जल्दी और आसानी से नकद में बदल सकते हैं।

जोखिम (RISK)…….

ब्याज दर जोखिम

यदि ब्याज दरें बढ़ती हैं, तो डेट इंस्ट्रूमेंट्स की कीमतें गिर सकती हैं, जिससे फंड का मूल्य कम हो सकता है।

क्रेडिट जोखिम

यदि फंड ने निम्न क्रेडिट रेटिंग वाली कंपनियों के बॉन्ड्स में निवेश किया है और वे कंपनियां डिफॉल्ट कर जाती हैं, तो निवेशकों को नुकसान हो सकता है।

मुद्रा जोखिम

अंतर्राष्ट्रीय डेट इंस्ट्रूमेंट्स में निवेश करने वाले फंड्स को मुद्रा विनिमय दरों में उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ सकता है।

निवेश कैसे करें?……

अनुसंधान करें

विभिन्न फिक्स्ड इनकम म्यूचुअल फंड्स के प्रदर्शन, पोर्टफोलियो और जोखिम को समझें।

लक्ष्य निर्धारित करें

अपने वित्तीय लक्ष्यों और जोखिम सहनशीलता के आधार पर उपयुक्त फंड चुनें।

वित्तीय सलाहकार की मदद लें

यदि आप नए निवेशक हैं, तो किसी वित्तीय सलाहकार से परामर्श करें जो आपको सही फंड चुनने में मदद कर सके।

ऑनलाइन प्लेटफॉर्म

कई ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और मोबाइल एप्लिकेशन हैं जहां आप म्यूचुअल फंड में निवेश कर सकते हैं। ये प्लेटफॉर्म निवेश प्रक्रिया को सरल और सुविधाजनक बनाते हैं।

निष्कर्ष……

फिक्स्ड इनकम म्यूचुअल फंड एक सुरक्षित और स्थिर निवेश विकल्प हैं, जो निवेशकों को नियमित आय प्रदान करते हैं और उनकी पूंजी को सुरक्षित रखते हैं। हालाँकि, निवेश करने से पहले अपने वित्तीय लक्ष्यों, जोखिम सहनशीलता और निवेश अवधि को ध्यान में रखें। सही अनुसंधान और विशेषज्ञ सलाह के साथ, फिक्स्ड इनकम म्यूचुअल फंड्स में निवेश आपके निवेश पोर्टफोलियो का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन सकते हैं।

शेयर बाजार क्या है (Share Market kya hai) यह कैसे काम करता है।

Share market kya hai, बहुत सारे लोग शेयर बाजार में इन्वेस्ट करते हैं। उनको यही पता नहीं होता है। शेयर बाजार क्या है(Share Market kya hai)और यह कैसे काम करता है आज हम उसके बारे में बात करेंगे।

Share Market

Share Market Share Market Kya hai- शेयर बाजार क्या है शेयर बाज़ार,एक ऐसा बाज़ार है जहाँ कंपनियों के शेयरओ के store होते है उन कंपनियों के शेयरओ को आप खरीदे व बेच सकते हैं। – या एक शेयर बाजार एक केंद्रीकृत मंच है जहां सभी  खरीदार और विक्रेता विभिन्न कंपनियों के शेयरों में  व्यापार करने के लिए  जमा होते हैं । व्यापारी भौतिक शेयर बाजार पर ऑफ़लाइन व्यापार कर सकते हैं

भारत में दो शेयर बाजार हैं 1.बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज 2.नेशनल स्टॉक एक्सचेंज

https://youtu.be/kPhne7Ny7sE?si=6G6R682bTBiwAYQz

  • शेयर बाजार में पैसे कैसे लगाएं?

Share market kya hai ये जानने के साथ साथ आपको बहुत सी चीज़ों का ध्यान रखने की आवश्यक्ता होती है स्टेप बाय स्टेप बात की जाए तो शेयर मार्केट में शेयर्स खरीदने के लिए आपको एक डीमैट अकॉउंट बनाना पड़ता है। इसके दो तरीके होते हैं। आइए इन तरीको के बारे में विस्तार से जानते हैं-

शेयर बाजार के महत्व क्या-क्या हैं? उद्देश्य और ऑपरेशन: कंपनियों के पास पैसे जुटाने के कुछ महत्वपूर्ण स्थान में शेयर मार्केट भी है। इसमें कंपनियां अपने कंपनी का कुछ हिस्सा शेयर बाजार में IPO जारी कर रखते हैं। इसमें हिस्सेदारी देने के बदले पैसे मिलते हैं। इन पैसों को कंपनियों को वापस लौटाने की जरूरत नहीं होती है और कंपनियां पैसों का उपयोग अपने तरक्की में ही करते हैं, न कि डेब्ट की रकम जमा करने में, जिसमें उन्हें वो पैसे तो देने ही होते हैं, पर साथ ही ब्याज भी देना होता है। दाम पर प्रभाव: शेयर मार्केट में किसी स्टॉक के दाम को शुरुआत में कंपनी तय करती है, जिसके बाद लोगों के द्वारा ट्रेड के द्वारा इसका दाम घटता और बढ़ता है। किसी स्टॉक का कितना दाम होना चाहिए, यह आमतौर पर कंपनी के भविष्य में होने वाले लाभ के आसार के साथ साथ उस देश की महंगाई, अर्थव्यवस्था पर भी निर्भर करती है। क्रैश: शेयर मार्केट में क्रैश उसके भाव में काफी तेजी से गिरावट होने को कहते हैं। इसका सबसे बड़े कुछ कारणों में कंपनी का निशारजानक प्रदर्शन और उसके भविष्य में नुकसान होने की आशंका आदि हैं।

शेयर्स कब खरीदने चाहिए? शेयर खरीदने से पहले आपको इस मार्केट का और यहाँ के काम करने के तरीके का ज्ञान होना आवश्यक है। इस ज्ञान में मार्केट के काम करने के तरीके के साथ साथ यहाँ कैसे और कब इन्वेस्ट किया जाए और कैसी कंपनी में पैसे लगाना आपको मुनाफा दिलवा सकता है इस सबकी जानकारी शामिल है। जिससे आपको मुनाफा ना भी हुआ तो आप नुक्सान से बच सकते हैं। जब आपको ये भरोसा हो जाए कि आप इस विषय में सटीक और बेहतर जानकारी हासिल कर चुके हैं तभी इसमें निवेश का कदम उठाएं।शेयर बाजार में रिस्क का जोखिम भी है, इसलिए यहाँ तभी निवेश करना चाहिए जब आपकी आर्थिक स्तिथि ठीक हो जिससे भविष्य में होने वाले नुक्सान से आपको ख़ास फर्क न पड़ें हालांकि ऐसा ज़रूरी नहीं की नुक्सान होना निश्चित है। अगर आप सोच समझकर इन्वेस्ट करते हैं तो काफी प्रॉफिट कमा सकते हैं। जैसे जैसे आपका इस क्षेत्र में ज्ञान और एक्सपीरियंस बढ़ेगा वैसे वैसे आप धीरे धीरे अपने इन्वेस्टमेंट को बढ़ाने का जोख़िम उठा सकते हैं। फील्ड का ज्ञान होने के साथ महत्वपूर्ण बातों की अगर बात की जाए तो ये स्किल होना भी अनिवार्य है कि आप कंपनी एनालिसिस बेहतर तरीके से कर पाएं जिससे कंपनी फ्रॉड है या नहीं ये जानने के साथ साथ आपको उसके प्रॉफिट लॉस की खबर रहे। कंपनी का ग्रोथ ग्राफ देखकर ही आप उसपर भरोसा कर पाएंगे और उसमें अपनी पूंजी लगाने का रिस्क उठा पाएंगे जोकि बेहद ज़रूरी है।